हनुमानगढ़। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने बुधवार को प्रदेश में विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा किये जा रहे आन्दोलनों के समर्थन बाबत प्रदर्शन कर जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के अनुसार विभिन्न संगठनों के मांगपत्रों के निराकरण बाबत संबंधित विभागों के मंत्रीगणों मंत्री मण्डलीय उपसमिति, वेतन विसंगति निराकरण एवं कर्मचारी कल्याण एवं प्रशासनिक विभागों/शासन से हुए समझौतों को लेकर विभिन्न संवर्गो के कर्मचारी आन्दोलनरत है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार अपने ही निर्णयों/सहमतियों की पालना नही कर कर्मचारियों के साथ अविश्वास का वातावरण तैयार किया है, जो राज्य हित में नही है। विगत कई दिवसों से राज्य की प्रशासनिक व्यवस्थाएं एवं जनसमान्य एवं जनसामान्य को मिलने वाली सुविधाएं ठप हो गई है, इसके उपरांत भी राज्य सरकार राज्य कर्मचारियों की मांगों के निराकरण के लिये गंभीर नही है। प्रदेश में कर्मचारियों के प्रति सरकार की अविश्वसनीयता के कारण समस्त जन सामान्य में सरकार के प्रति आक्रोश व्यापक हो गया है। इस बाबत अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ मांग करता है कि पंचायतीराज सेवा परिषद, राजसथान रोडवेज, राजस्थान पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ, राजस्थान पटवार संघ, राजस्थान कानूनगों संघ, राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत, प्रगतिशील, राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक संघ, राजस्थान कृषि स्नातक संघ, राजस्थान मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन, राजस्थान पर्यटन विकास निगत कर्मचारी युनियन, राजस्थान स्टेनोग्राफर संघ, राजस्थान अधीनस्थ कर्मचारी संघ, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन, राजस्थान रेडियोग्राफर एसोसिएशन, राजस्थान आयुर्वेद नर्सेज एसोसिएशन, राजस्थान मंत्रालयिक महासंघ, सूचना सहायक कर्मचारी संघ, परिवहन निरीक्षक, जेल अधीनस्थ कर्मचारी संघ, राजस्थान एकाउटेंट एसोसिएशन, राजस्थान लोकल बस सेवा कर्मचारी संघ, राजस्थान लैब टैक्नीशियन कर्मचारी संघ, राजस्थान कर्मचारी संघ, बिजली विभाग, संयुक्त संघर्ष समिति, बीकानेर डेयरी कर्मचारी संघ, आंगनबाडी, शिक्षाकर्मी, राजस्थान पशुपालन सहायक तकनीकी कर्मचारी संघ, राजस्थान आयुर्वेद परिचारक संघ, राजस्थ्ज्ञान सहायक कर्मचारी संघ, राजस्थान वन अधीनस्थ कर्मचारी संघ एवं राजस्थान वन श्रमिक संघ किसी न किसी रूप में आन्दोलनरत है। संघ के जिलाध्यक्ष पतराम भाम्भू ने चेतावनी दी है कि आज 3 अक्टूबर को केवल प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया है और 4 व 5 अक्टूबर को धरना प्रदर्शन कर सामूहिक अवकाश किया जायेगा और अगर फिरभी सरकार मांगे नही मानती है तो आन्दोलन उग्र किया जायेगा। इस मौके पर जगदीश दूधवाल, चन्द्रभान ज्याणी, रामरतन भारी, नरेश कुमार शर्मा, रामलुभाया तिन्ना, मनोहरलाल बंसल, जगदीशचंद्र वर्मा, ओमप्रकाश, तरसेम सिंह बराड़, आदराम मटोरिया, सुखदेव सिंह पटवारी व अन्य सदस्य मौजूद थे।
हनुमानगढ़। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने बुधवार को प्रदेश में विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा किये जा रहे आन्दोलनों के समर्थन बाबत प्रदर्शन कर जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के अनुसार विभिन्न संगठनों के मांगपत्रों के निराकरण बाबत संबंधित विभागों के मंत्रीगणों मंत्री मण्डलीय उपसमिति, वेतन विसंगति निराकरण एवं कर्मचारी कल्याण एवं प्रशासनिक विभागों/शासन से हुए समझौतों को लेकर विभिन्न संवर्गो के कर्मचारी आन्दोलनरत है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार अपने ही निर्णयों/सहमतियों की पालना नही कर कर्मचारियों के साथ अविश्वास का वातावरण तैयार किया है, जो राज्य हित में नही है। विगत कई दिवसों से राज्य की प्रशासनिक व्यवस्थाएं एवं जनसमान्य एवं जनसामान्य को मिलने वाली सुविधाएं ठप हो गई है, इसके उपरांत भी राज्य सरकार राज्य कर्मचारियों की मांगों के निराकरण के लिये गंभीर नही है। प्रदेश में कर्मचारियों के प्रति सरकार की अविश्वसनीयता के कारण समस्त जन सामान्य में सरकार के प्रति आक्रोश व्यापक हो गया है। इस बाबत अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ मांग करता है कि पंचायतीराज सेवा परिषद, राजसथान रोडवेज, राजस्थान पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ, राजस्थान पटवार संघ, राजस्थान कानूनगों संघ, राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत, प्रगतिशील, राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक संघ, राजस्थान कृषि स्नातक संघ, राजस्थान मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन, राजस्थान पर्यटन विकास निगत कर्मचारी युनियन, राजस्थान स्टेनोग्राफर संघ, राजस्थान अधीनस्थ कर्मचारी संघ, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन, राजस्थान रेडियोग्राफर एसोसिएशन, राजस्थान आयुर्वेद नर्सेज एसोसिएशन, राजस्थान मंत्रालयिक महासंघ, सूचना सहायक कर्मचारी संघ, परिवहन निरीक्षक, जेल अधीनस्थ कर्मचारी संघ, राजस्थान एकाउटेंट एसोसिएशन, राजस्थान लोकल बस सेवा कर्मचारी संघ, राजस्थान लैब टैक्नीशियन कर्मचारी संघ, राजस्थान कर्मचारी संघ, बिजली विभाग, संयुक्त संघर्ष समिति, बीकानेर डेयरी कर्मचारी संघ, आंगनबाडी, शिक्षाकर्मी, राजस्थान पशुपालन सहायक तकनीकी कर्मचारी संघ, राजस्थान आयुर्वेद परिचारक संघ, राजस्थ्ज्ञान सहायक कर्मचारी संघ, राजस्थान वन अधीनस्थ कर्मचारी संघ एवं राजस्थान वन श्रमिक संघ किसी न किसी रूप में आन्दोलनरत है। संघ के जिलाध्यक्ष पतराम भाम्भू ने चेतावनी दी है कि आज 3 अक्टूबर को केवल प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया है और 4 व 5 अक्टूबर को धरना प्रदर्शन कर सामूहिक अवकाश किया जायेगा और अगर फिरभी सरकार मांगे नही मानती है तो आन्दोलन उग्र किया जायेगा। इस मौके पर जगदीश दूधवाल, चन्द्रभान ज्याणी, रामरतन भारी, नरेश कुमार शर्मा, रामलुभाया तिन्ना, मनोहरलाल बंसल, जगदीशचंद्र वर्मा, ओमप्रकाश, तरसेम सिंह बराड़, आदराम मटोरिया, सुखदेव सिंह पटवारी व अन्य सदस्य मौजूद थे।
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