हनुमानगढ़। आज मास्टर जसविंदर सिंह धालीवाल एवं उसके परिवार को राजनीतिक
दबाव के कारण झूठे मुकदमे में फंसाने को लेकर गिल टावर नजदीक बस स्टैंड के
पास हनुमानगढ़ जं में मास्टर जसविंदर सिंह धालीवाल एवं उसके परिवार को राजनीतिक
दबाव के कारण झूठे मुकदमे में फंसाने को लेकर गिल टावर नजदीक बस स्टैंड के
पास हनुमानगढ़ जं बामसेफ बहुजन क्रांति मोर्चा भारत मुक्ति मोर्चा एवं
आदर्श ग्राम संघर्ष समिति मुंडा के सदस्यों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर
मिडिया के माध्यम से पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ़ एवं पुलिस महानिरीक्षक
बीकानेर से निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की गई । जसविंदर सिंह
धालीवाल के चार बच्चों के साथ अपहरण कर रिंग ग्रुप के सदस्यों द्वारा मार
पीट की गई थी जिसमें जसविंदर सिंह धालीवाल ने 11 जनों के खिलाफ अपहरण एवं
मारपीट का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था जिससे बचने के लिए विरोधी पक्षकार
द्वारा झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। जसविंदर सिंह धालीवाल ने अपने घर से
तीन मुलजिमों को एक कुल्हाड़ी एक मोटरसाइकिल एक मोबाइल फोन रात के बारह
बजे बरामद कराएं थे। विरोधी पार्टी ने जो मुकदमा दर्ज कराया है उसमें बारह
बजे अपहरण करना बताया जबकि तीन लोगों बारह बजे पुलिस जसविंदर सिंह धालीवाल
के घर पर हमला करने आए लोगों को हथियरो सहित बरामद करने बारह बजे बरामद
करने की रिपोर्ट रोजनामचा में दर्ज है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर के वर्मा
रामप्रताप भाट अरूण कांडा एडवोकेट ममता धालीवाल प्रेम भाट आदि काफी लोग
शामिल थे।
प्रिय मित्र बोलो, सरकार अपने कार्यालय के 4 साल पूरे कर चुकी है ,5 बजट प्रस्तुत कर चुकी है और उपलब्ध अवसरों को इस्तेमाल कर चुकी है अपनेअपने परिणाम दिखाने के लिए। ( यह पत्र पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अपने लोक सभा साथियों और देशवासियों को लिखा है जिसमे उन्होंने देश की विभिन्न स्थितियों जिनसे पिछले चार सालों में देश बीजेपी सरकार के कार्यकाल में 2014 से 2018 में गुजरा है उनके द्वारा जो मह्सूस किया गया है का वर्णन है जो केंद्र सरकार के कामकाज और नीतिओं पर सवाल उठाता है ये लेख 17 अप्रैल,2018 में एक अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में भी प्रकाशित हुआ था पर अंग्रेजी में ) मैं नहीं जानता कि आप में से कितने लोगों को अगले लोकसभा चुनावों के टिकट मिलेगी, अगर अनुभव की बात करें तो आप में से आधे लोगों को भी नहीं मिलेगी:यशवंत सिन्हा हमने 2014 के लोकसभा इलेक्शंस में जीत के लिए बहुत कठोर परिश्रम किया है हम में से कुछ लोग यूपीए गवर्नमेंट के साशन के सामने संघर्ष करते रहे हैं संसद में और बाहर भी | जब से जब से वह सन 2004 में सत्ता में आई है जबक...
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