हनुमानगढ़ 15 अक्टूबर टाऊन की नगर परिषद
रंगमंच पर श्री रामलीला
समिति द्वारा आयोजित में दसवें दिन के आरम्भ
पर काली माता की
झांक दिखाई गई। झांकी में
हनुमानगढ़ कम्प्युटर एसोसिएशन के पदाधिकारीयो द्वारा
कि गई। झांकी के
पश्चात बाली सुग्रीव युद्ध
व बाली वध के
नाटक का मंचन बहुत
ही सुन्दर ढग से पुराने
कलाकार द्वारा किया गया ।
रामलीला मैदान दर्शको से खचाखच भरा
हुआ था । इस
अवसर पर समिति अध्यक्ष
बालकृष्ण गोल्याण ने बताया रामलीला
की शुरूवात स्व. लिच्छीराम तलवाडिया
के सानिध्य में 1961 से प्रारम्भ हुई
थी जो लगातार 58 वें
वर्ष में जारी है।
उन्होने बताया कि यह रामलीला
निर्देशक प्रेमरत्तन पारीक व सह निर्देशक
गिरीराज शर्मा के नेतृत्तव में
खेली जा रही है।
सचिव दिनेश तजवाड़ीया ने उन्होने कि
19 अक्टूबर को सायं 5 बजे
दशहरा उत्सव टाउन में नवनिर्मित
दशहरा ग्राउड में मनाया जायेगा,
20 अक्टूबर को भगवान श्रीराम
का राजतिलक बालकिशन खदरीया द्वारा किया जायेगा, राजतिलक
से पूर्व 20 अक्टूबर सायं 5 बजे नई धानमण्डी
दुकान नं.114 बी छगन
लाल तलवाडिय़ा के प्रतिष्ठान पर
भरत मिलाप होगा और समिति
अध्यक्ष ने बताया इस
वर्ष भी एक चॉदी
के सिक्के से प्रतिदिन 16 दिनों
तक सभी देवी देवताओं
की झांकियों का तिलक चॉदी
के सिक्के से किया जायेगा
और वही सिक्का लॉटरी
द्वारा 20 अक्टूबर को रात्रि 12 बजे
श्रीराम के हाथों से
लक्की ड्रा निकाला जायेगा
और जिसके भाग्य में सिक्का होगा
भगवान श्रीराम उसे यह सिक्का
अपने हाथों से देंगे |
प्रिय मित्र बोलो, सरकार अपने कार्यालय के 4 साल पूरे कर चुकी है ,5 बजट प्रस्तुत कर चुकी है और उपलब्ध अवसरों को इस्तेमाल कर चुकी है अपनेअपने परिणाम दिखाने के लिए। ( यह पत्र पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अपने लोक सभा साथियों और देशवासियों को लिखा है जिसमे उन्होंने देश की विभिन्न स्थितियों जिनसे पिछले चार सालों में देश बीजेपी सरकार के कार्यकाल में 2014 से 2018 में गुजरा है उनके द्वारा जो मह्सूस किया गया है का वर्णन है जो केंद्र सरकार के कामकाज और नीतिओं पर सवाल उठाता है ये लेख 17 अप्रैल,2018 में एक अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में भी प्रकाशित हुआ था पर अंग्रेजी में ) मैं नहीं जानता कि आप में से कितने लोगों को अगले लोकसभा चुनावों के टिकट मिलेगी, अगर अनुभव की बात करें तो आप में से आधे लोगों को भी नहीं मिलेगी:यशवंत सिन्हा हमने 2014 के लोकसभा इलेक्शंस में जीत के लिए बहुत कठोर परिश्रम किया है हम में से कुछ लोग यूपीए गवर्नमेंट के साशन के सामने संघर्ष करते रहे हैं संसद में और बाहर भी | जब से जब से वह सन 2004 में सत्ता में आई है जबक...


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