हनुमानगढ़26 अक्टूबर टाऊन स्थित फुडग्रेन धर्मशाला में चल रही श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में स्वामी सदानन्द जी महाराज ने उपस्थित श्रदालुओं को ज्ञान भक्ति और वैराग्य की कथा सुनाई। और भागवत कथा का मंगलचरण सुनाया। उन्होने श्रदालुओं से कहा कि परमात्मा का नाम जपने से तीनो तरह के अधिदैविक, आदि भौतिक और अध्यात्मीक का नाश होता है। और इनका नाश होने से प्रभु की प्राप्ती होती है। उन्होने बताया कि मनुष्य की आत्मा को दो रोग लगे है। बार-बार जन्म लेना और बार-बार मरना। इन दोनो रोगो से छुटकारा पाने के लिए गोविन्द नाम का जाप करना चाहिए। तन मन व आत्मा की शान्ति के लिए परमात्मा का नाम ही अतिंम सहारा है। सदानन्द जी ने भक्ति ज्ञान और वैरागय प्रसंग के माध्यम कृष्ण मीरा के प्रेम भगती कथा को सुनाया और समझाया कि जब भक्ति के बिना ज्ञान और वैरागय वृद्व हो गये तब नारद जी के सत्संग से देवी भक्ति के पुत्र ज्ञान व वैरागय जवान हुए। और उसके बाद ही भक्ति को वृन्दावन में वास मिला। कथा का वाचन करते हुये शुक्रवार को स्वामी जी ने भगत प्रहलाद व हिरणकश्यप की कथा एवं भगत ध्रुव, बामनअवतार की कथा काविस्तार से सुना और संजीवन झांकी दिखाई।कथा के बाद श्रदालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। समिति के सदस्य अमर गोयल व रमेश बंसल ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा प्रवचन 25 से 29 अक्टूबर तक रोजना दोपहर 2 बजे कथा वाचक श्रीश्री सदानंद जी महाराज के मुखाबिन्द से होगा। उन्होने बताया कि कथा की पूर्णाहुति 29 अक्टूबर को सुबह 8:15 बजे हवन यज्ञ में आहुति के साथ होगी। उन्होने बताया कि इस कथा में विशेष आकर्षण का केन्द्र रासलीला व फुलों की होली रहेगी। इस मौके पर मनीष बंसल, रमेश बंसल, सुनील खदरीया, वेदप्रकाश गौतम आदि ने सहयोग किया।
प्रिय मित्र बोलो, सरकार अपने कार्यालय के 4 साल पूरे कर चुकी है ,5 बजट प्रस्तुत कर चुकी है और उपलब्ध अवसरों को इस्तेमाल कर चुकी है अपनेअपने परिणाम दिखाने के लिए। ( यह पत्र पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अपने लोक सभा साथियों और देशवासियों को लिखा है जिसमे उन्होंने देश की विभिन्न स्थितियों जिनसे पिछले चार सालों में देश बीजेपी सरकार के कार्यकाल में 2014 से 2018 में गुजरा है उनके द्वारा जो मह्सूस किया गया है का वर्णन है जो केंद्र सरकार के कामकाज और नीतिओं पर सवाल उठाता है ये लेख 17 अप्रैल,2018 में एक अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में भी प्रकाशित हुआ था पर अंग्रेजी में ) मैं नहीं जानता कि आप में से कितने लोगों को अगले लोकसभा चुनावों के टिकट मिलेगी, अगर अनुभव की बात करें तो आप में से आधे लोगों को भी नहीं मिलेगी:यशवंत सिन्हा हमने 2014 के लोकसभा इलेक्शंस में जीत के लिए बहुत कठोर परिश्रम किया है हम में से कुछ लोग यूपीए गवर्नमेंट के साशन के सामने संघर्ष करते रहे हैं संसद में और बाहर भी | जब से जब से वह सन 2004 में सत्ता में आई है जबक...

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