हनुमानगढ़।
प्रदेश युथ इंटक राजस्थान ने बुधवार को अधीक्षण अभियंता को हनुमानगढ़ में
33/11 केवी जीएसएस और एफआरटी में लगे आईटीआई होल्डर्स की ज्वलंत समस्याओं
के निवारण बाबत एवं मृतक अनिल कुमार वर्मा को मुआवजा देने एवं संबंधित फर्म
एवं अधिकारियों पर कार्यवाही बाबत युथ इंटक जिलाध्यक्ष किशन सिंह राजावत
के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के अनुसार मुख्य मांगों में निगम
द्वारा 33/11 केवी जीएसएस एवं शही की फाल्ट व्यवस्था को संभालने के लिये
निजी कम्पनी को व्यवस्था सौंपी गई है जिसमें कार्यरत कुशल कारीगर आईटीआई
होल्डर्स को मासिक वेतन सिर्फ 4 से 5 हजार रूपये के बीच में दिया जा रहा है
वो भी दो या तीन महीने तक नही आता है, निगम ठेका कम्पनी को इसी कार्य के
लिये एक जीएसएस के लिये लगभग 29 हजार रूपये देता है जिसमें 1 जीएसएस पर तीन
कर्मचारी एवं एक रेस्ट रिलीवर होना चाहिए परन्तु कम्पनी आईटीआई होल्डर्स
को सिर्फ 4 से 5 हजार सैलरी दे रही है उस पर भी कहीं 1 कर्मचारी कही दो फिर
भी बिल पूरा उठाया जा रहा है जो युवा आईटीआई होल्डर्स के शोषण के साथ साथ
बहुत बड़ा भ्रष्टाचार का मामला बनता है, किसी भी आईटीआई होल्डर्स का ना ही
कोई कम्पनी का पहचान पत्र है और ना ही कोई पीएफ अकाउण्ट नम्बर है जो कि
उपलब्ध करवाये जाये, किसी भी आईटीआई होल्डर्स को कम्पनी द्वारा कोई
प्रशिक्षण नही दिया गया है ना ही कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाये है जो कि
करवाये जाये, सैलेरी निजी बैंक खाते में आये एवं सभी श्रमिकों का बीमा
करवाया जाये, सभीआईटीआई होलडर्स का ड्रैस कोड तय किया जाये जिसका भुगतान
कम्पनी द्वारा करवाया जाये, एवं संगरीया के गांव किकरवाली में कार्यरत
श्रमिक अनिल कुमार का विघुत कार्य करते वक्त देहांत हो गया उसके लिये मृतका
की पत्नी को जीवनयापक के लिये सरकारी नौकरीएवं परिवार को दस लाख रूपये की
आर्थिक मदद करवाने व श्रमिक जिस कम्पनी के अधीन काम कर रहा था उस ठेकेदार
पर कानूनी कार्यवाही की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष इंटक के
उदयपाल सारस्वत, जिलाध्यक्ष यूथ इंटक किशनसिंह राजावत, आईटीआई होल्उर्स के
जिलाध्यक्ष मनदीप सिंह व विभिन्न संघ के सदस्य मौजूद थेे।
प्रिय मित्र बोलो, सरकार अपने कार्यालय के 4 साल पूरे कर चुकी है ,5 बजट प्रस्तुत कर चुकी है और उपलब्ध अवसरों को इस्तेमाल कर चुकी है अपनेअपने परिणाम दिखाने के लिए। ( यह पत्र पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अपने लोक सभा साथियों और देशवासियों को लिखा है जिसमे उन्होंने देश की विभिन्न स्थितियों जिनसे पिछले चार सालों में देश बीजेपी सरकार के कार्यकाल में 2014 से 2018 में गुजरा है उनके द्वारा जो मह्सूस किया गया है का वर्णन है जो केंद्र सरकार के कामकाज और नीतिओं पर सवाल उठाता है ये लेख 17 अप्रैल,2018 में एक अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में भी प्रकाशित हुआ था पर अंग्रेजी में ) मैं नहीं जानता कि आप में से कितने लोगों को अगले लोकसभा चुनावों के टिकट मिलेगी, अगर अनुभव की बात करें तो आप में से आधे लोगों को भी नहीं मिलेगी:यशवंत सिन्हा हमने 2014 के लोकसभा इलेक्शंस में जीत के लिए बहुत कठोर परिश्रम किया है हम में से कुछ लोग यूपीए गवर्नमेंट के साशन के सामने संघर्ष करते रहे हैं संसद में और बाहर भी | जब से जब से वह सन 2004 में सत्ता में आई है जबक...
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