हनुमानगढ़। ऑल इन्वेस्टर सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन द्वारा शुक्रवार को समस्त भारत में पीएसीएल के 5 करोड़ 85 लाख निवेशकों के 49100 करोड़ एवं राजस्थान राज्य के 2800000 निवेशकों का 2850 करोड़ एवं हनुमानगढ़ तथा गंगानगर के 800 करोड रुपए वापस दिलवाने के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन से पूर्व सदस्यों ने टाउन जंक्शन रोड स्थित आशीष सिनेमा से रोष मार्च निकाला गया रोष मार्च आशीष सिनेमा से शुरू होकर शहर के मुख्य मुख्य मार्गो से होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां जोरदार प्रदर्शन करते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के अनुसार पीएसीएल कंपनी के जमा पूंजी विगत जुलाई 2013 से बकाया चल रही है पीएसीएल के निवेशक किसान मजदूर एवं पिछड़े वर्ग से हैं जिन्होंने रुपया रुपया जोडक़र सरकार से रजिस्टर्ड कंपनी पीएसीएल में जमा किए थे, पीएसीएल जो 1983 से किसी न किसी रूप में कार्य कर रही थी परंतु कंपनी की योजनाओं को अवैध मानते हुए सीबीईआई ने 22 अगस्त 2014 को कंपनी को कारोबार बंद करवा दिया जिसकी वजह से सभी निवेशकों की जमा पूंजी कंपनी के पास ही जमा रह गई । राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रोफेसर सी बी यादव ने बताया कि कई बार सांसद विधायकों मंत्रियों केंद्रीय मंत्रियों राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार को ज्ञापन देकर निवेशकों की समस्या बताई जा चुकी है परंतु कोई भी निवेशकों की आवाज सुनने को तैयार नहीं है पूरे देश में 6 करोड पीडि़त परिवार यानी कि 30 करोड़ मतदाता मतदान का बहिष्कार करेंगे एवं राजस्थान राज्य के लगभग 28 लाख निवेशक और उनके समेत परिवारों के 4 सदस्य जो वोट डालने का अधिकार रखते हैं सभी देश के बड़े नेताओं के निर्वाचन क्षेत्र में जाकर उनके खिलाफ मतदान करवाने का अभियान चलाएंगे। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष श्री राम गोदारा, छोटे लाल सारवान, करनैल सिंह, प्रवीन जैन, जुगलाल, महावीर प्रसाद, शीशपाल, सही पाल, संपत सिंह, सुरेंद्र गोदारा सहित अन्य संघ के सदस्य मौजूद थे।
प्रिय मित्र बोलो, सरकार अपने कार्यालय के 4 साल पूरे कर चुकी है ,5 बजट प्रस्तुत कर चुकी है और उपलब्ध अवसरों को इस्तेमाल कर चुकी है अपनेअपने परिणाम दिखाने के लिए। ( यह पत्र पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अपने लोक सभा साथियों और देशवासियों को लिखा है जिसमे उन्होंने देश की विभिन्न स्थितियों जिनसे पिछले चार सालों में देश बीजेपी सरकार के कार्यकाल में 2014 से 2018 में गुजरा है उनके द्वारा जो मह्सूस किया गया है का वर्णन है जो केंद्र सरकार के कामकाज और नीतिओं पर सवाल उठाता है ये लेख 17 अप्रैल,2018 में एक अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में भी प्रकाशित हुआ था पर अंग्रेजी में ) मैं नहीं जानता कि आप में से कितने लोगों को अगले लोकसभा चुनावों के टिकट मिलेगी, अगर अनुभव की बात करें तो आप में से आधे लोगों को भी नहीं मिलेगी:यशवंत सिन्हा हमने 2014 के लोकसभा इलेक्शंस में जीत के लिए बहुत कठोर परिश्रम किया है हम में से कुछ लोग यूपीए गवर्नमेंट के साशन के सामने संघर्ष करते रहे हैं संसद में और बाहर भी | जब से जब से वह सन 2004 में सत्ता में आई है जबक...
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