हनुमानगढ़ जंक्शन के रेयान कॉलेज फॉर एज्युकेशन में शनिवार को सांस्कृतिक
समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षण समिति के
निदेशक करणवीर चौधरी थे। कार्यक्रम की अध्यक्ष महाविद्यालय प्राचार्य
डॉ.संतोष राजपुरोहित ने की। कार्यक्रम की शुरूवात अतिथियों द्वारा मां
सरस्वती के समक्ष द्वीप प्रज्जवलित कर की। सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक
सुमीना यादव ने बताया कि शनिवार को महाविद्यालय में अनेकों एकल, सामुहिक
नृत्य, एकल गीत, सामुहिक गीत एवं अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया
जिसमें महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया। महाविद्यालय
प्राचार्य डॉ. संतोष राजपुरोहित ने बताया कि महाविद्यालय समय समय पर बच्चों
के शारीरिक व मानसिक विकास के लिये अनेकों प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है
जिससे विद्यार्थियों का सर्वागीण विकास हो सके और उनमे छुपी प्रतिभा को
बाहर निकाला जा सके और उन्हे उसी क्षेत्र में आगे बढने के लिये प्रोत्साहित
किया जा सके। शनिवार को आयोजित प्रतियोगिताओं में निर्णायक मण्डल की
भूमिका में महाविद्यालय व्याख्याता वीरेन्द्र वर्मा, रोहिताश वर्मा, अमित
फुटेला, सपाल, बलजिन्द्र, जगदीश जिन्दल रहे। इस मौके पर विजेता
प्रतिभागियों को महाविद्यालय द्वारा सम्मानित किया गया। इस मौके पर
महाविद्यालय उपप्राचार्य अनिल शर्मा, सिमरजीत सिंह, आशीष भादू, सिद्धार्थ
गौड़, हरदीप सिंह, प्रिया, शिवालिका व अन्य स्टॉफ सदस्यों का सहयोग रहा।
प्रिय मित्र बोलो, सरकार अपने कार्यालय के 4 साल पूरे कर चुकी है ,5 बजट प्रस्तुत कर चुकी है और उपलब्ध अवसरों को इस्तेमाल कर चुकी है अपनेअपने परिणाम दिखाने के लिए। ( यह पत्र पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अपने लोक सभा साथियों और देशवासियों को लिखा है जिसमे उन्होंने देश की विभिन्न स्थितियों जिनसे पिछले चार सालों में देश बीजेपी सरकार के कार्यकाल में 2014 से 2018 में गुजरा है उनके द्वारा जो मह्सूस किया गया है का वर्णन है जो केंद्र सरकार के कामकाज और नीतिओं पर सवाल उठाता है ये लेख 17 अप्रैल,2018 में एक अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में भी प्रकाशित हुआ था पर अंग्रेजी में ) मैं नहीं जानता कि आप में से कितने लोगों को अगले लोकसभा चुनावों के टिकट मिलेगी, अगर अनुभव की बात करें तो आप में से आधे लोगों को भी नहीं मिलेगी:यशवंत सिन्हा हमने 2014 के लोकसभा इलेक्शंस में जीत के लिए बहुत कठोर परिश्रम किया है हम में से कुछ लोग यूपीए गवर्नमेंट के साशन के सामने संघर्ष करते रहे हैं संसद में और बाहर भी | जब से जब से वह सन 2004 में सत्ता में आई है जबक...


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