तकनीकी सहायक भर्ती में धांधली का आरोप, आईटीआई स्टूंडेंट्स बोले- डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पर रोक लगा निष्पक्ष जांच करवाई जाए
आईटीआई स्टूंडेंट्स ने कलेक्टर के माध्यम से सीएम को भेजा ज्ञापन
हनुमानगढ़। विद्युत विभाग द्वारा आयोजित तकनीकी सहायक भर्ती के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पर रोक लगाकर भर्ती की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग आईटीआई स्टूंडेंट्स ने की है। इस संबंध में आईटीआई स्टूडेंट्स ने सोमवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि सरकार ने तकनीकी सहायक भर्ती के लिए 23 अगस्त से 29 अगस्त तक परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें काफी नकल के मामले सामने आए और उससे जुड़े फोटोग्राफ भी सोशल मीडिया पर आए। 25 सितंबर को रिजल्ट जारी कर दिया गया था, जिसमें विभाग ने बहुत बड़ा घोटाला किया। जो उत्तरकुंजी जारी की गई थी, उसके अनुसार बहुत से अभ्यर्थियों को अच्छे अंक बन रहे थे लेकिन विभाग द्वारा जो रिजल्ट जारी किया गया है, उसमें उत्तरकुंजी के हिसाब से बनने वाले अंकों से बहुत कम अंक विभाग की वेबसाइट पर अपलोट किए गए। राधेश्याम गोदारा ने बताया कि ऐसे में इस परीक्षा में धांधली हुई है, जिसमें योग्य उम्मीदवारों को असफल घोषित कर दिया गया। यह परीक्षा 5 वर्ष बाद हुई थी। इससे गरीब अभ्यर्थियों को बहुत कम समय में खर्च उठाकर परीक्षा की तैयारी करनी पड़ी और फिर वह असफल रहे। उन्होंने बताया कि वेबसाइट का अवलोकन करने पर पाया गया कि विद्यार्थियों के अंकों में अचानक ही नंबर परिर्तन कर दिए गए। यह भी महत्वपूर्ण है कि यह परीक्षा एक ऐसी कंपनी द्वारा ली गई है जिसे राजस्थान पुलिस भर्ती परीक्षा 2013 में ब्लैकलिस्टड किया जा चुका है। इसलिए इसमें सफल अभ्यर्थी के डॉक्यूमेंट वेरिफकेश को रोककर, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से पहले परीक्षा की निष्पक्ष जांच करवाई जाए एवं अनियमितता पाए जाने पर परीक्षा को रद्द कर पुन: परीक्षा करवाई जाए। इस मौके पर राधेश्याम गोदारा, बृजपाल, अमित कुमार, रामकुमार, राकेश कुमार, इमीलाल, महेंद्र, अनिल कुमार, राहुल कुमार, सुभाष चंद्र आदि मौजूद थे।
आईटीआई स्टूंडेंट्स ने कलेक्टर के माध्यम से सीएम को भेजा ज्ञापन
हनुमानगढ़। विद्युत विभाग द्वारा आयोजित तकनीकी सहायक भर्ती के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पर रोक लगाकर भर्ती की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग आईटीआई स्टूंडेंट्स ने की है। इस संबंध में आईटीआई स्टूडेंट्स ने सोमवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि सरकार ने तकनीकी सहायक भर्ती के लिए 23 अगस्त से 29 अगस्त तक परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें काफी नकल के मामले सामने आए और उससे जुड़े फोटोग्राफ भी सोशल मीडिया पर आए। 25 सितंबर को रिजल्ट जारी कर दिया गया था, जिसमें विभाग ने बहुत बड़ा घोटाला किया। जो उत्तरकुंजी जारी की गई थी, उसके अनुसार बहुत से अभ्यर्थियों को अच्छे अंक बन रहे थे लेकिन विभाग द्वारा जो रिजल्ट जारी किया गया है, उसमें उत्तरकुंजी के हिसाब से बनने वाले अंकों से बहुत कम अंक विभाग की वेबसाइट पर अपलोट किए गए। राधेश्याम गोदारा ने बताया कि ऐसे में इस परीक्षा में धांधली हुई है, जिसमें योग्य उम्मीदवारों को असफल घोषित कर दिया गया। यह परीक्षा 5 वर्ष बाद हुई थी। इससे गरीब अभ्यर्थियों को बहुत कम समय में खर्च उठाकर परीक्षा की तैयारी करनी पड़ी और फिर वह असफल रहे। उन्होंने बताया कि वेबसाइट का अवलोकन करने पर पाया गया कि विद्यार्थियों के अंकों में अचानक ही नंबर परिर्तन कर दिए गए। यह भी महत्वपूर्ण है कि यह परीक्षा एक ऐसी कंपनी द्वारा ली गई है जिसे राजस्थान पुलिस भर्ती परीक्षा 2013 में ब्लैकलिस्टड किया जा चुका है। इसलिए इसमें सफल अभ्यर्थी के डॉक्यूमेंट वेरिफकेश को रोककर, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से पहले परीक्षा की निष्पक्ष जांच करवाई जाए एवं अनियमितता पाए जाने पर परीक्षा को रद्द कर पुन: परीक्षा करवाई जाए। इस मौके पर राधेश्याम गोदारा, बृजपाल, अमित कुमार, रामकुमार, राकेश कुमार, इमीलाल, महेंद्र, अनिल कुमार, राहुल कुमार, सुभाष चंद्र आदि मौजूद थे।
टिप्पणियाँ