सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

क्या यही हैं अच्छे दिन? बीजेपी पर उन्ही के साथियों का हमला

शिवसेना का बीजेपी पर हमला, मुंबई में पोस्टर लगाकर पूछा: यही है अच्छे दिन!



मुंबई: बीते कई दिनों से देश भर में पेट्रोल और डीजल की मार से देश की जनता तबाह है. पेट्रोल-डीजल के दाम में लगातार तेजी देखने को मिल रही है और गाड़ी वाले हलकान हो रहे हैं, जिसकी वजह से अब मोदी सरकार विपक्ष के साथ-साथ अपनी ही सहयोगी के निशाने पर आ गई है. पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ रहे दामों के बीच कांग्रेस के साथ-साथ एनडीए की सहयोगी शिवसेना ने भी  बीजेपी पर हमला बोला है और पीएम मोदी के सबसे अच्छे सूत्रवाक्य 'अच्छे दिन' पर तंज कसा है. शिवसेना अब पेट्रोल-डीजल के दाम पर खुलकर बीजेपी के सामने आ गई है और बैनर-पोस्टर के सहारे मोर्चा खोल दिया है. 



शिवसेना ने पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और मुंबई में कई जगह पोस्टर-बैनर लगाया है. दरअसल, समाचार एजेंसी एएनआई ने दो तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें पेट्रोल के दामों का जिक्र किया गया है. शिवसेना ने जो पोस्टर लगाया है, उसमें 2015 और 2018 में तेल की कीमतों के अंतर का आंकड़ा दिखाया है और सरकार से पूछा है कि- क्या यही है अच्छे दिन?

यशवंत  सिन्हा भी पूर्व में कर चुके हैं हमला

इसी वर्ष अप्रैल माह में पूर्व वित्त मंत्री रह चुके यशवंत सिन्हा ने भी भारतीय जनता पार्टी के चार साल पूरे कर लेने पर सरकार की नीतियों पर हमला बोलकर इन्हें दोषी ठहराया था जिसकी विस्तृत जानकारी के लिए पढ़िए : 

IBCFASTINDIA.BLOGSPOT.COM















स्त्रोत:एनडीटीवी 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

A Blog For GAME LOVERS

Dear friends, A dedicated and diligent computer savvy member of our technical team"Pranay Saxena" who is quiet young has started  Gaming World blog with site address;  ibcgaming.blogspot.com . if you love to play games on C omputer and Handling with other Technical Tools then you can Visit on the above Mentioned  address for details. Admin

बोलो आप बोलते क्यों नहीं :यशवंत सिन्हा ???

प्रिय मित्र बोलो, सरकार अपने कार्यालय के  4 साल पूरे कर चुकी है ,5 बजट प्रस्तुत कर चुकी है और उपलब्ध अवसरों को इस्तेमाल कर चुकी है अपनेअपने परिणाम दिखाने के लिए। ( यह पत्र पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अपने लोक सभा साथियों और देशवासियों को लिखा है जिसमे उन्होंने देश की विभिन्न स्थितियों जिनसे पिछले चार सालों में देश बीजेपी सरकार के कार्यकाल में 2014 से 2018 में गुजरा है उनके द्वारा जो मह्सूस किया गया है का वर्णन है जो केंद्र सरकार के कामकाज और नीतिओं पर सवाल उठाता है ये लेख 17  अप्रैल,2018  में एक अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में भी प्रकाशित हुआ था पर अंग्रेजी में ) मैं नहीं जानता कि आप में से कितने लोगों को अगले लोकसभा चुनावों के टिकट मिलेगी, अगर अनुभव की बात करें तो आप में से आधे लोगों को भी नहीं मिलेगी:यशवंत सिन्हा  हमने 2014 के लोकसभा इलेक्शंस में जीत के लिए बहुत कठोर परिश्रम किया है हम में से कुछ लोग यूपीए गवर्नमेंट के साशन के सामने संघर्ष करते रहे हैं संसद  में और बाहर भी | जब से जब से वह सन 2004 में सत्ता में आई है जबक...

भारतीय लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर हमला ?

एबीपी न्यूज़ के पत्रकारों ने मोदी सरकार की आलोचना की कीमत चुकाई है? सूत्रों के अनुसार चैनल में हुए इन बदलावों के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पिछले हफ्ते संसद भवन में कुछ पत्रकारों से कहते सुना गया था कि वे ‘एबीपी को सबक सिखाएंगे.’  देश के बड़े टीवी न्यूज़ चैनल एबीपी न्यूज़ से दो बड़े पत्रकारों के इस्तीफे और तीसरे को काम करने से रोकने को मीडिया और राजनीतिक हलकों में किसी मीडिया हाउस के सत्तारूढ़ दल को खुश रखने की कोशिश की तरह देखा जा रहा है. बुधवार 1 अगस्त को चैनल प्रबंधन ने एडिटर इन चीफ मिलिंद खांडेकर के इस्तीफे की घोषणा की. इसके बाद हाल ही में एबीपी पहुंचे, चर्चित शो ‘मास्टर स्ट्रोक’ के एंकर और पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी के चैनल छोड़ने की खबर आई. इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है कि बाजपेयी ने इस्तीफ़ा दिया या उन्हें चैनल छोड़ने के लिए कहा गया. गौरतलब है कि उनका चैनल से जाना उनके शो के उस एपिसोड के बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ की एक महिला किसान के मोदी सरकार की योजना के चलते ‘दोगुनी हुई आय’ के  प्रधानमंत्री के दावे का खंडन  प्रसारित किया था. ...