हनुमानगढ़।
शिक्षा विभाग द्वारा 11 फरवरी को सभी व्यवसायिक
शिक्षकों को 28 फरवरी पश्चात विधालयो में नियमित रूप
से नियोजित नहीं किये जाने
के तुगलकी आदेश के विरोध
में जंक्शन
के भगत सिंह चोंक
पर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे
व्यवसायिक शिक्षकों-प्रशिक्षको ने गुरुवार शिक्षा
विभाग के उक्त तुगलकी
आदेश की प्रतियां जलाकर
विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के जिला संयोजक
मनीष मक्कासर ने बताया कि
शिक्षा विभाग के उक्त तुगलकी
आदेश से जहाँ गत
चार वर्षों से संविदा पर
कार्यरत व्यवसायिक शिक्षकों के सामने बेरोजगारी
का संकट पैदा कर
दिया है वही दूसरी
तरफ उक्त नोकरी के
लिए चार वर्ष का
डिप्लोमा कर रहे विद्यार्थियों का भी भविष्य
अंधकारमय कर दिया है।उन्होंने
बताया कि शिक्षा विभाग
का उक्त तुगलकी आदेश किसी
भी सूरत में स्वीकार
करने योग्य नही है।उन्होंने बताया
कि शुक्रवार को धरना स्थल
पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन
किया जाएगा और आंदोलन को
उग्र करते हुए शनिवार
से भूख हड़ताल शुरू
कर दी जाएगी।धरने पर
मनीष मक्कासर, विनोद, पंकज, अरुण, राजेन्द्र, संजय ,धीरज ,महावीर, संदीप भार्गव, ज्योति, ममता, हरजिंदर, टीनू, सरिता गहलोत आदि प्रशिक्षक बैठे
है।
प्रिय मित्र बोलो, सरकार अपने कार्यालय के 4 साल पूरे कर चुकी है ,5 बजट प्रस्तुत कर चुकी है और उपलब्ध अवसरों को इस्तेमाल कर चुकी है अपनेअपने परिणाम दिखाने के लिए। ( यह पत्र पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अपने लोक सभा साथियों और देशवासियों को लिखा है जिसमे उन्होंने देश की विभिन्न स्थितियों जिनसे पिछले चार सालों में देश बीजेपी सरकार के कार्यकाल में 2014 से 2018 में गुजरा है उनके द्वारा जो मह्सूस किया गया है का वर्णन है जो केंद्र सरकार के कामकाज और नीतिओं पर सवाल उठाता है ये लेख 17 अप्रैल,2018 में एक अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में भी प्रकाशित हुआ था पर अंग्रेजी में ) मैं नहीं जानता कि आप में से कितने लोगों को अगले लोकसभा चुनावों के टिकट मिलेगी, अगर अनुभव की बात करें तो आप में से आधे लोगों को भी नहीं मिलेगी:यशवंत सिन्हा हमने 2014 के लोकसभा इलेक्शंस में जीत के लिए बहुत कठोर परिश्रम किया है हम में से कुछ लोग यूपीए गवर्नमेंट के साशन के सामने संघर्ष करते रहे हैं संसद में और बाहर भी | जब से जब से वह सन 2004 में सत्ता में आई है जबक...
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