हनुमानगढ़
। तेरापंथ सभा हनुमानगढ़ द्वारा गुरुवार को तेरापंथ भवन में प्रेक्षा
ध्यान स्वस्थ कार्यशाला का आयोजन किया
गया । इस कार्यक्रम
के मुख्य वक्ता अध्यात्म साधना केंद्र छतरपुर,नई दिल्ली के
निदेशक एवं सेवानिवृत्त पूर्व
प्रधान आयकर आयुक्त के.सी. जैन
थे । कार्यक्रम में
सबसे पहले मेरापंथ महिला
मंडल द्वारा गीतिका गाई गई, कार्यक्रम
में सबसे पहले पुलवामा
में शहीद हुए सीआरपीएफ के
जवानों को आत्मिक शांति
के लिए 2 मिनट का मौन
रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।
तेरापंथ सभा के अध्यक्ष
विजय बाठिया ने बताया आचार्य
महाप्रज्ञ की जन्म शताब्दी
के उपलक्ष में स्वास्थ्य कार्यशाला
का आयोजन करवाया गया । मुख्य
वक्ता केसी जैन ने
स्वास्थ्य कार्यशला
में बोलते हुए कहा
कि जैसी हमारी भावधारा
होगी, वैसे हमारे विचार
होंगे । सकारात्मक सोच
से व्यक्ति पूर्ण स्वस्थ जीवन जी सकता
है । व्यक्ति के
अंतर्मण के विकारों से
ही शरीर में रोग
उत्पन्न होते हैं जिनका
निदान प्रेक्षाध्यान से संभव है।
अध्यात्म साधना केंद्र के प्रेक्षाध्यान प्रशिक्षक
डॉक्टर वेंकटेश्वर पांडे ने प्रोजेक्ट के
माध्यम से ध्यान का
अभ्यास करवाया । इस अवसर
पर तेरापंथ सभा के अध्यक्ष
विजय बाठिया, सचिव अनिल जैन,
कोषाध्यक्ष कुलदीप पटावरी, बाबूलाल दूगड़, मदन बाठिया, पदम
जैन, राजेंद्र बैद, डॉक्टर पारस
जैन, डॉ पवन जैन,
सुरेंद्र कोठारी, तेरापंथ सभा के उपाध्यक्ष
महेश भादानी, सुभाष बोहरा, महिला मंडल अध्यक्ष सुशीला
जैन, तेरापंथ युवक परिषद के
अध्यक्ष अनुराग बाठिया, मंत्री तुलसी राम आदि ने
अतिथियों का सम्मान किया,
इस मौके पर भारी
संख्या में शहर के
गणमान्य नागरिक उपस्थित थे । मंच
संचालन सचिव अनिल जैन
ने किया ।
प्रिय मित्र बोलो, सरकार अपने कार्यालय के 4 साल पूरे कर चुकी है ,5 बजट प्रस्तुत कर चुकी है और उपलब्ध अवसरों को इस्तेमाल कर चुकी है अपनेअपने परिणाम दिखाने के लिए। ( यह पत्र पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अपने लोक सभा साथियों और देशवासियों को लिखा है जिसमे उन्होंने देश की विभिन्न स्थितियों जिनसे पिछले चार सालों में देश बीजेपी सरकार के कार्यकाल में 2014 से 2018 में गुजरा है उनके द्वारा जो मह्सूस किया गया है का वर्णन है जो केंद्र सरकार के कामकाज और नीतिओं पर सवाल उठाता है ये लेख 17 अप्रैल,2018 में एक अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में भी प्रकाशित हुआ था पर अंग्रेजी में ) मैं नहीं जानता कि आप में से कितने लोगों को अगले लोकसभा चुनावों के टिकट मिलेगी, अगर अनुभव की बात करें तो आप में से आधे लोगों को भी नहीं मिलेगी:यशवंत सिन्हा हमने 2014 के लोकसभा इलेक्शंस में जीत के लिए बहुत कठोर परिश्रम किया है हम में से कुछ लोग यूपीए गवर्नमेंट के साशन के सामने संघर्ष करते रहे हैं संसद में और बाहर भी | जब से जब से वह सन 2004 में सत्ता में आई है जबक...
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