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वादे जो भुलाये गए

इस रंग बदलती दुनियाँ में इंसान की नीयत  ..... 


देश के नौजवानो से ये वादा कोई ऐरा गेरा करता तो कोई बात नहीं थी पर ये वादा सत्ता में आने से पहले एक जनप्रतिनिधि के रूप में स्वयं बीजेपी से नरेंद्र मोदी ने किया था की उनकी पार्टी अगर केंद्र में सरकार बनाती है तो वे बेरोजगार युवक युवतियों को उनकी शिक्षा ,अनुभव व पढ़ाई के आधार पर रोज़गार देंगे देश की जनता ने बीजेपी ही नहीं नरेंद्र मोदी को अपनी पलकों पर बिठाकर भरपूर समर्थन दिया ऐसी लहर चली थी की पूरी लहर  को ही मोदी  लहर का नाम दिया गया पर सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री ने जिस तरह पूँजीपतियों के हित साधे उन्हें देश व जनता की कमाई का भागीदार बनाया वो जगजाहिर है और उसपर उन्होंने अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी अपने पद का दुरूपयोग ही नहीं किया बल्कि बेरोजगारों ,किसानों ,व्यापारियों ,मजदूरों ,नौकरीपेशा , गृहणियों 
व महिलाओं के साथ न केवल शोषण होने दिया बल्कि इन सभी के हितों की भी अनदेखी की। सम्पूर्ण देश के मालिक होने के बावजूद उन्होंने ऐसा रंग बदला की देश की तमाम बेरोजगारों और अनगिनत शिक्षार्थियों की आशाओं पर ही पानी फेर दिया कह दिया पकोड़ों की दुकान लगा लो।

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